एक मौका !!

INDIA CHILD LABOUR

कल रात एक सुन्दर सपना आया

मैंने अपने नन्हे हाथो में कलम था उठाया

पीठ पर मेरे एक सुन्दर सा कई खानो वाला बैग था

जिसमे  कहानियों की, गणित की कई सारी  किताबे भी थी |

ऊपर एक सफ़ेद रंग की शर्ट और नीचे एक नीले रंग की पेंट पहनी थी  शायद

बाल भी बढ़िया से बने हुए थे

स्कूल गया, पढाई की, शरारत की , नए नए दोस्त बनाये

घर वापस आया माँ के हाथो से बना बढ़िया सा खाना खाया

सामने एक बड़ा सा मैदान था , दोस्तों के साथ खूब खेला

रात में माँ की लोरी की प्यारी आवाज सुनते सुनते सपनो की दुनियां में फिर से खो गया |

अचानक वो प्यारा सुनहरा सपना टूट गया |

तब असली और सपने की जिंदगी का फ़र्क़ समझ आया|

फ़र्क़ बस इतना था

उन्ही नन्हे हाथो में चाय की केतली थी|

और पीठ पर कचरे का ढेर |

हाँ किताबे तो थी लेकिन पुरानी |

जिनको पढ़ना तो चाहता था |

पर पढ़ाने वाला कोई न था |

स्कूल जाते हुए हसते खेलते बच्चो  को देख मन बहुत ललचाया |

शाम को घर लौट कर आया,मेरी माँ ने भी मुझे खाना खिलाया

पर शायद खुद नहीं खाया

उसने भी  मुझे वैसे ही लोरी सुनाई

शायद उतनी प्यारी तो नहीं थी

लेकिन हाँ मुझे अंदर से मजबूत बनाने के लिए काफी थी|

मै यही सोंचते सोंचते सो गया |

काश !!!

मुझे भी एक मौका मिलता|
©makkhan

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s